Lyrics Neha Kakkar – जिनके लिए (Jinke Liye)

Neha Kakkar – जिनके लिए (Jinke Liye) words

तेरे लिए मेरी इबादतें वही हैं
तेरे लिए मेरी इबादतें वही हैं
तू शरम कर तेरी आदतें वही हैं
(तू शरम कर तेरी आदतें वही हैं)

 
जिनके लिए हम रोते हैं

 
हो जिनके लिए हम रोते हैं
वो किसी और की बाहों में सोते हैं
जिनके लिए हम रोते हैं
वो किसी और की बाहों में सोते हैं

 
हम गलियों में भटकते फिरते हैं
वो समंदर किनारों पे होते हैं
जिनके लिए हम रोते हैं
वो किसी और की बाहों में सोते हैं

 
पागल हो जाओगे आना कभी ना
गलियों में उनकी जाना कभी ना
जाना कभी ना!

 
हम ज़िंदा गये क़रीब उनके
अब देखो मारे हुए लौटे हैं
जिनके लिए हम रोते हैं
वो किसी और की बाहों में सोते हैं

 
ला ला रा रा रा…

 
हाथों से खेलते होंगे या पैरों से
फ़ुर्सत कहाँ अब उनको है ग़ैरों से

 
हाथों से खेलते होंगे या पैरों से
फ़ुर्सत कहाँ अब उनको है ग़ैरों से

 
उनकी मोहब्बतें हर जगह
वो जो कहते थे हम इकलौते हैं
जिनके लिए हम रोते हैं
वो किसी और की बाहों में सोते हैं

 
कभी यहाँ बात करते हो
कभी वहाँ बात करते हो
आप बड़े लोग हो साहब
हमसे कहाँ बात करते हो

 
आज उस शख़्स का नाम बताएँगे
जानी था जानी मिले जिस कायर से
ग़लती थी छोटी मोहब्बत करी जो
ग़लती बड़ी थी की कर बैठे शायर से

 
आग का दरिया जफ़ा उनकी
हर दिन लगाने गोते हैं
जिनके लिए हम रोते हैं
किसी और की बाहों में सोते हैं

 
आ आ…

 
हो जिनके लिए हम रोते हैं
किसी और की बाहों में सोते हैं
जिनके लिए हम रोते हैं
किसी और की बाहों में सोते हैं

 

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